वैधवी, मै नही जी पाऊंगा तुम्हारे बगैर, सन्नाटा कोई कुछ न बोला, कुछ देर चुप्पी, मत जाओ, छोड़ कर मुझे, ओजस" कतारभाव से बोला, 
वैधवी की आंखे भी आंसुओं से लबरेज हो गयी, वो कुछ न बोली, बोलो कुछ तो बोलो,,,, जाना होगा, वैधवी ने चुप्पी तोडी, 
पर क्यू, क्योंकि मेरी दुनिया तुम्हारी दुनिया से बहुत अलग है! 
वैधवी "सपाट शब्दों में बोली, वैधवी मै अपनी गलती मानता हूँ, मै सबको छोड़ दूंगा, पर क्यूँ, ओजस, एक के लिए ,सबको छोडना बेवकूफी है, और ये बेवकूफी तुम्है, कैसे करने दूं! 
माना तुम मेरी कमजोरी हो, एक सांस में बिना रूके बोल गयी वैधवी, ठीक है, अब मै नही रोकूंगा तुम्है जाओ" मै तुम्हारी कमजोरी भी नही बनूंगा, लाचारी से बोला, ओजस,,, 
वैधवी के कदम सडक की ओर मुड गये! 
ओजस उसे डबडबाई आंखों से देखता रहा, एक बार पलट जाओ वैधवी, तुम मुझे बहुत प्यार करती हो ये मै, जानता हूँ! 
पर ये फासले क्यू बना रही हो! 
वैधवी थके कदमों से आगे बढ रही थी, ओजस, केशब्द  उसके कानों में गूंज  रहे थे! 
उसे कुछ दिखाई न दे रहा था, बहुत कुछ कहना चाहती थी! पर वो मर्यादा के विपरीत होता, पता नही ओजस के दिल में उसके लिए प्यार कैसे पनप गया! 
जो दुनिया को नज़र आया, वो खुद क्यूँ न समझ पायी "जब  तक समझ आया बहुत कुछ बदल चुका था! 
अब वो क्या करे, घुटन सी होने लगी उसे, वो भाग जाना चाहती थी सबसे दूर, या फिर जीना ही नही चाहती थी! पर क्यूँ" शायद ओजस भी उसकी जिंदगी बन चुका था! 
नही ये पाप है! वैधवी ने अपने दिमाग में आये विचारों को झटका, ये मै क्या सोचने लगी, उसके कदम घर की ओर बढ़ गये! मेरे बाद निखिल का क्या होगा, उनका तो कोई कुसूर नही, और चीकू तो अभी छोटा है! 
चौखट के अंदर पैर रखते ही, चीकू उससे लिपट गया! मम्मा आप कहाँ चले गये थे! मै आपको कब से ढूंढ रहा था! 
कही नही बेटा, बस कुछ सामान लेने, मम्मा आप रोये हो, भोलेपन से बोला चीकू, नही तो, भर्राई आवाज थी वैधवी की "बाहर हवा तेज चल रही थी, कचरा आंखों में चला गया! 
तो आंखे मसलने की वजह से लाल हो गयी! 
मम्मा आप कुछ छुपा रहे हो, नही बच्चे ऐसा नहीं है! 
आपको ऐसा क्यू लग रहा है, की मम्मा छुपा रही है, बता बदलते हुऐ बोली वैधवी"
आपने मुझे आज खाने को कुछ नही दिया, मुझे भूख लगी है, 
अरे हां, साॅरी "बच्चे,, बस मै अभी कुछ फटाफट बनाती हूँ! 
किचन की ओर बढ़ गयी वैधवी, चीकू को दूध के साथ ब्रेड पकडा कर मुडी ही थी, की मोबाइल बज उठा, 
उसके चेहरे पर कुछ भाव आये, कही ओजस का तो काॅल नही है! उसने सेलफोन उठाया, अखिरी रिंग थी शायद, कट गया! 
बैधवी ने सेलफोन नीचे रखा ही था कि फिर बज उठा, उसके हाथ कांप गये! 
हैलो उधर से आवाज आयी"" निखिल था! बैधवी कहाँ हो तुम, न फोन लगा रही हो न उठा रही हो, सब ठीक तो है! 
जी, हकला सी गयी वैधवी, 
अच्छा सुनो मै, शाम को आ रहा हूँ! चीकू को मत बताना "
सरप्राइज है उसके लिए, वैधवी, मेरी आवाज सुन पा रही हो या नही, जी, संक्षिप्त सा उत्तर दिया, बैधवी ने, तुम मेरे आने से खुश नही हो"क्यूँ आपको ऐसा क्यू लग रहा है! मिस यू यार, शाम को मिलते हैं! 
जी "फोन कट गया! 
बैधवी अभी मुडी ही थी की फोन फिर बज उठा"
निखिल फोन कट गया था! मुझे लगा आपने रख दिया! 
उधर से कोई आवाज नही सिर्फ चुप्पी "
हैलो,,,, हैलो,,, 
फिर कट,,,, 
बैधवी किचन में आ गयी, बाकी काम समेटने लगी! 
मम्मा मम्मा आपका फोन, चीकू फोन पकडाकर  वापस कार्टून देखने भाग गया! 
हैलो, फिर चुप्पी, हैलो,,,,, बैधवी मै तुम्है नही भूल सकता, 
तुमने पता नही क्या कर दिया मुझे,  फालतू की बातें मत करो, ओजस" थोडी सख्ती से बोली, बैधवी """
बस एक बार मिलने आ जाओ, नही तो मै अब तुमसे कभी भी नही मिलूँगा! 
ये क्या पागलपन हैं, ओजस, आ रही हो या मै आऊँ, नही , न तुम आ रहे हो न मै,,,,, मै आ रहा हूँ बस'जो होगा देखा जाऐगा! 
ओजस मेरी बात सुनो, नही बैधवी अब नही, ओजस मेरी बात समझो "ये सब करके कुछ हासिल नही होगा! 
मेरे और तुम्हारे बीच ऐसा कुछ भी नहीं है! जो तुम समझ रहे हो! मै अब कुछ नहीं सुनूँगा" मै आ रहा हूँ! 
ओजस,,, फोन कट हो गया था! 
बैधवी ने  कई बार रिंग की पर किसी ने न उठाया! 
सामने गेट पर ओजस, खडा था! 
बैधवी उसकी ओर बढ़ गयी, ओजस प्लीज जाओ, क्यू आये हो, ,,,,मिलने, ओजस के चेहरे पर ढिटता साफ नजर आ रही थी! 
तुम्हारी इस हरकत से क्या होगा, तुम शायद जानते भी नही, 
कलंकित  हो जाऊंगी मै, ठीक है यदि, प्यार कंलक है तो आज हो जाने दो, जोर का एक थप्पड़ पडा ओजस के गाल पर, 
प्यार कंलक नही होता, बैधवी बोली, ओजस मुस्कुराया, जबाब मिल गया मुझे, अलविदा """
एक बात बता दूँ, प्यार तो सच्चा किया है, तुमसे, और निभाऊंगा भी तुमसे, कुछ हासिल हो या न हो, बहुत गर्व हैं मुझे की तुमसे मैने प्यार किया! 
पर एक वादा करके जा रहा हूँ मै अब कभी तुम्हारी लाईफ में दखल नही दूगां! हर मोड़ पर  , मेरा साया साथ होगा तुम्हारे,

श्रीमती रीमा महेंद्र ठाकुर मुक्त लेखिका "
दानापुर झाबुआ मध्यप्रदेश