🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹
कैसे भूल जाऊ ऊन यादो को तेरी
जो हर पल मुझे सताती रहती है
खुद से भी ज़ब तन्हा होती हूँ मैं रातो में
तब तब तुम्हारी यादें बहुत याद आती है...!!

वो मेरा हर रोज़ इंतज़ार करना तेरा
आजाने पर रूठने का बहाना तेरा
जो अब मैं करती हूँ हर पल इंतज़ार तेरा
तब तब तुम्हारी मुलाकाते बहुत याद आती है...!!

वो हँस हँस कर बाते करना हमारा
दिल के बातो से एक दूसरे को रिझाना हमारा
आती नहीं चैन दिल को ज़ब दर्द हद से बढ़ता है
तब तब तुम्हारी प्यार की बाते बहुत याद आती है....!!

बहुत कुछ बदला ज़िन्दगी में हमारी 
पर तेरा ख्याल दिल से कभी मिट न सका
ज़ब देखती हूँ तुम्हे गैरों के साथ महफिल में
तब तब तुम्हारी वो साथ निभाने की वादे बहुत याद आती है....!!

मर भी न सकूँ जिना मज़बूरी होगयी जैसे
तुम क्या जानो सनम बेरहम नैना जी रही कैसे
गम के अंधेरों में डूबी ज़िन्दगी में ज़ब बहती है कतरे पलकों से
तब तब तुम्हारी वो मुझे प्यार से हँसाना बहुत याद आती है....!!
🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹
नैना.... ✍️✍️