दिल के किसी कोने में अब भी कसक सी है
लगता है  मेरे दिल को तेरी तलब सी है

तूने जो मुझसे दिल लगायान था कभी
वो अहसास कहीं न कहीं बाकी है अभी

माना कि अब तू किसी और की अमानत है
पर मेरी भी पहली चाहत थी कभी न कभी

 तुझे भुलाने की हर कोशिश है नाकाम
तू अब भी मेरी तलाश है कहीं न कहीं....
                         नेहा शर्मा