काफिया - अन
रदीफ़ - में
छुपे हैं चिलमन में,
नाम लिया भजन में।
आपने नजर उठाई,
फूल खिले चमन में।
इश्क छाया इस कदर,
हसरतें बिछी हैं मन में।
तेरी साँसें मेरी धड़कन,
प्यार तलाशे अंजुमन में।
तेरी बाहों में बिखर जाऊँ
बनूँ मलंग"झा"उड़ूँ गगन में
आरती झा(स्वरचित व मौलिक)
दिल्ली
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