अहोई माता का व्रत आता है हर साल,
माता रखें हमेशा खुला अपना द्वार,
भरदे खुशियों से हमारा घर संसार,
बेटा बेटी हो एक समान,
बेटियों को मिले सदा सम्मान,
न हो कोई फर्क इस रिश्ते में,
माता के लिए हर बालक है खास,
निर्जल व्रत कर हर बार माता से करती विनती,
सभी बच्चों की हो आयु लंबी,
उनके जीवन में हो खुशियां अपार,
माता करे सबका जीवन हो साकार,
शोहरत, सम्रद्धि की हो बौछार,
अपनी आंखों के तारों के लिए,
तारों का पूजन कर करती हैं यही संकल्प।
प्रिया धामा

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