सिर्फ पंछी ही
नहीं उड़ा करते
कहे ये मन

कुछ हौसले
भी उड़ा करते हैं
बताए मुझे

उड़े ये मन
पंख लगाकर के
न माने हार

इसलिए ये
भरता है उड़ान
हर बार ही 

लेके हौसले
हर बार नए से
कोशिश करे

न माने हार
हर पल बढ़ाए
ये आगे मुझे

उड़ने लगे
बिन पंखों के मन
बार बार ही।।
कविता गौतम...✍️