रोज़ तो करते है हम दीदार चाँद की
पर आज कुछ खास अहसास होंगी
लगी है हाथो में सनम आपके नाम की मेहंदी
आज आपके ही नाम मेरी हर श्रृंगार होंगी
माना रहे हो बरसो से दूरियों में
पर आज हमारी खास मुलाक़ात होंगी
रखी हूँ उपवास आपके नाम करवाचौथ की
आज आपके नाम ही मेरी हर दुआ होंगी
ज़िन्दगी का क्या पता क्या रंग दिखाएगी
मिला जो कुछ पल प्यार का वो हमारी सौभाग्य होंगी
होंगी कभी मांग सिंदूरी अपने सजन के हाथो
ऐसी आज उस ईश्वर से हमारी मिन्नते होंगी
बरसो से दिल अरमान थीं अधूरी हमारी
नसीब से आज वो ज़िन्दगी में पूरी होंगी
खनकेगी रंगी चुडिया हाथो में सनम आपके लिए
आज मुक़म्मल हमारे दिल की हर मुराद होंगी
रंग जाऊ इस तरह मोहब्बत में आपके हमदम
ये प्यार का बंधन हमारा जन्मो जनम तक अमर रहेगी
बस जाऊगी आज बनके चाँदनी दिल में पिया की
की हर जनम में आपके दिल में घर सिर्फ हमारी ही होंगी
सजी है गुलशन जो फूलो में हँसी निखार है आयी
खिलेगी आज नैना कुछ ऐसे जो देख चाँद भी जाए शरमायी
करेंगे आज हमारे सनम दीदार ज़ब अपने प्यारी चाँद की
तो धड़क उठेगा दिल और हर धड़कन पे बस नैना की होंगी....!!
🌻🌼🌻🌼🌻🌼🌻🌼🌻🌼🌻🌼🌻🌼🌻🌼🌻🌼🌻
नैना....✍️✍️💓💓
(काल्पनिक.....)

0 टिप्पणियाँ