"तुमसे मैं दूर बहुत दूर चली जाऊंगी।
इस तरह हो गई , मजबूर चली जाऊंगी।।
तेरी यादों ने मुझे इस तरह, मजबूर किया।
अब गया नूर मैं बेनूर चली जाऊंगी।।
आज कल रहने लगे, तुम जो आंख से ओझल।
और तुम हो गए, मशहूर, चली जाऊंगी।।
बेरुखी ये तुम्हारी, अब सही नहीं जाती।
अब तो खट्टे लगें अंगूर, चली जाऊंगी।।
हां तुम्हें दिल दिया था, अपना खुदा भी माना।
मांग का हो भले सिंदूर , चली जाऊंगी।।
तुमने दिल तोड़ दिया, मुझको रुलाया है बहुत।
लग रहा हो गए मगरूर , चली जाऊंगी।।
अब न कहना कि तुम्हीं जान हो तमन्ना हो।
अंबिका तुम हो कोहिनूर , चली जाऊंगी।।"
अम्बिका झा ✍️

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