रह रह कर दिल में मेरे
कुछ अलग सी अहसास है घुल रहा
कभी खुशी तो
कभी लगता है कोई दर्द सा
जाने क्यूँ तन्हाई में भी
कभी कभी भीड़ सा लगता है
तो कही भीड़ में भी
एकेली तन्हा सी लगता हूँ
मुस्कुराते होठों की हँसी खोने लगी
कुछ बात है नैना जो
रातो में पलकें भिगोने लगी
मस्ती में झूमती पायल मेरी
अब काँटों सी चुभन देने लगी है
क्या हुआ कुछ पता नहीं
बस दिल के धड़कने
किसी अजनबी ख्यालों में खोने लगे है
रात की गहराई देख
सोचा दिलने तारों से ही पूछ ले
सबकी हाल देखता है वो
शायद मेरा भी कुछ हाल समझा दें
देखा जो आसमा पे
वहाँ नज़ारा कुछ अजीब था
छुपने लगे सितारे बदलो में
बस एक बचा था जो हल्की बदलो के बिच था
क्या पूछती मैं सवाल उस से
जो कर बैठा सवाल ही कुछ अजीब सा
देख कर कतरा पलकों के किनारे से
पूछ लिया की कौन है वो..?
जिसके इश्क़ में तू इतना बेहाल है....!!
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नैना.... ✍️✍️

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