दीप दीप जल मनी दिवाली हल्दी कुमकुम अक्षत रोली से सजी थाली एक दिया दिल में जलाओ देशभक्ति का चलता रहे राष्ट्रप्रेम का विकास का उत्थान का और अन्नदाता के नाम का अन्नदाता जो जीवन देता है धरती का सीना चीर कर हमारा पालन-पोषण करता है आज परेशान है उसकी परेशानी हम सब की परेशानी है तो जलाएं दीया स्वाभिमान का सद्भाव का बनाए अन्नदाता की स्वाभिमान को मनाए उसकी शांति और खुशहाली को अन्नदाता करें उन्नति हम सब की भी उन्नति जलाओ दिया हर सैनिक परिवार के लिए जो शहीद हो गए हमारे लिए छोड़ गए आंसुओं से भरी आंखें बिलखते मासूम उस दर्द को संभाले उस दर्द को मिटाएं हर जीवन सुखी बनाए मनाएं दिवाली प्रेम की दीवा ली सहयोग की दिवाली ज्ञान की दिवाली हर दिन दिवाली
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