2अक्टूबर को जन्मी,
दो महान विभूतियां थी,
महात्मा गांधी और,
लाल बहादुर शास्त्री,
वन्दे मातरम्.....
आज़ादी के दीवाने,
सादा जीवन उच्च विचार,
आंदोलनों में साथ रहते,
आज़ादी के दीवाने थे,
वन्दे मातरम्.....
विदेशी कपड़ों का बहिष्कार,
स्वदेशी को अपनाया था,
खादी का अविष्कार कर,
घर घर रोजगार दिलाया था,
वन्दे मातरम्.....
चरखे पर सूत कातना,
वस्त्रों को तैयार करना,
युवाओं को स्वावलंबी बनाना,
बेरोजगारी को दूर करा,
वन्दे मातरम्.....
एक का नारा सत्य अहिंसा,
दूजा जय जवान जय किसान,
चले सत्य अहिंसा के मार्ग पर,
देश को आजाद कराया था,
वन्दे मातरम्.....
दांडी यात्रा को सफल बनाया,
"अंग्रेजों भारत छोड़ो",
का नारा लगाया,
मौन सत्याग्रह की अलख जगाई,
भारत में तिरंगा फहराया था,
वन्दे मातरम्.....।
काव्य रचना- रजनी कटारे
जबलपुर ( म.प्र.)

0 टिप्पणियाँ