संस्कार का आधार परिवार
हिम्मत और साहस परिवार
बैठ जिनके साथ बांट लेते 
दुख दर्द वह होता परिवार

जब हो जाते चेतना शुन्य
तब शक्ति बनता है परिवार
जटिल समय के व्यवधानों में
हिम्मत बन उभरता परिवार

जब तक साथ है परिवार
खुशहाली दिलों का है आधार
मूलमंत्र सिखलाता जीवन जीने का
जब अपनों पर हो जाता कोई  आघात

ना हारो हिम्मत, 
खड़े हो जाओ
परिस्थितियों का सामना 
डट कर कर जाओ

परिवार यही सिखलाता है
कम सुविधाओ में भी रहकर
खुशियां अपार पाता है
यही तो परिवार कहलाता है।।
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शीतल शैलेन्द्र सिंह राघव "देवयानी" इन्दौर