जिंदगी की हकीकत तो बस इतना ही जना है दर्द में अकेले है और खुशियों में जमाना है
इंसान के जीवन मे तीन ही चीज बड़ी उलझी होती दिल दिमाग और तकदीर
हम इंसान भी कितना अजीब है ना जो लेकर जाना है उसे छोड़े जारहे है
और जो याहा राह जाना है उसे जोड़े जा रहे है
बोल मीठे ना हो तो हिचकिया भी नही आती है कीमती मोबाईल पर घंटिया भी नही आती
घर बड़ा हो या छोटा अगर मिठास ना हो तो चुटिया भी नही आती
प्यार बाटा तो रामायण लिखी गयी सम्पति बाटी तो महाभारत लिखी गायी
काल भी यह सच था आज भी यह स्तय है
बुद्धिमान इंसान आपका दिमाग खोलता है सुनदर इंसान आपका आँखे खोलता है
लेकिन प्रेम करने वाला इंसान आपका हिरदय खोलता है
इंसान एक मात्र आयशा प्राड़ी है जो गिरना चहेतो
जानवर से भी नीचे गिर जाता है
और उठना चाहे तो देवताओ से भी ऊँचा उठ सकता है
हर कोई चाहता है यहां की सब उनकी तारीफ करें
लेकिन ये इच्छा दुनिया से रुखसत होने के बाद ही पूरा होती है
वक़्त दिखाई तो नही देता है पर बहुत कुछ सीखा देता है
आपनापन तो हर कोई दिखता है पर आपना कौन है वो वक़्त ही बताता है
जिनके खुसी रहना है वो ये देखले कि दो दिन के बाद एक रात है
और जिनके उदास रहना है वे ये देखे की रातों के बीच एक दिन आता है
परिसानी आये तो ईमानदार रहिये धन आये तो सरल रहिये
अधिकार मिलने पर मौन रहिये और क्रोध आने पर सांत रहिये
यही है जीवन का सही प्रबन्ध
जिंदगी निकल जाती है ये ढूंढने में की ढूंढना क्या है
और अंत मे तालाश सिमट जाती है इस सकूँन के साथ के साथ कि जो मिला है काहा साथ लेकर जाना है
सब कुछ हासिल नही होता जिंदगी में,, किसी का कास और किसी का अगर रह ही जाता है
जितना है पास उसका माजा लीजिये चाहे जिधर से गुजारिये एक मीठा सा हाल चाल मचा दीजिये
लोगो की बात दिल पे ना लीजिये लोग तो अमरूद खरीदते है तो पूछते है मीठा तो है ना और फिर खाते है नमक लगा कर
लोगो की बात को दिल पे ना

0 टिप्पणियाँ