तू ही जग तू ही संसार है, 
माँ तेरी चरणों मे चारों धाम है, 
माँ तू ही तीर्थ तू ही ईश्वर का नाम है, 

माँ तुमने इतनी प्यारी मेरी दुनिया बनाई है, 
कण कण में तेरी परछाई है, 
माँ तेरे होने भर से ही खुशी मेरे होठों पर है, 
तुझसे ही आँखों मे सपनों की छवि है, 

माँ तेरा आंचल धुप में छाव बन जाता है, 
मैं थक जाता जब भी तेरी कही बात हौसला दे जाता हैं, 
एक पहर भी मैं अगर भूखा रहता हू, 
मेरी भूख का तुझे अंदाजा हो जाता है, 

मेरी मेरी बीमारी मे तू बेचैन हो जाती है, 
मैं रात भर आराम से सोता था, 
तू रात भर जागती मेरे फिक्र में, 
आँखों मे तेरे होता आसु और दिल तेरा रोता था, 

माँ जब जब तूने अपने हाथों से मुझे छुआ है, 
तेरा बेटा कहना भी एक दुआ है, 
माँ तुम मेरे दिल से निकली हर आवाज़ हो, 
माँ तुम जीवन की कसौटी हो, 

माँ तुम ही ख्वाब तुम ही पूरे अरमान हो, 
तुम ही हर ख्वाहिश तुम ही ज़िन्दगी हो..!