मित्रता बड़ी अनमोल होती हैं
जज्बातो का ही खेल होती हैं
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तुझे समझू मैं ओर मुझे सिर्फ तुम
बस इक यही तो शर्त होती है
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ना कोई निन्दा ना आलोचना
दोस्ती, प्यार बेपनाह होती हैं
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ना झुकती ओर ना झुकाती किसी को
सिर्फ़ अपनेपन का अहसास होती है
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ओरो का पता नहीं मुझको
तेरी खुशी मेरे लिए अनमोल होती हैं
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कोई गिला नहीं तुझे वक्त नहीं
दोस्ती भी कम्बख्त होतीं हैं
कृष्णा की✍️ कलम से

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