अनीश पूजा को घर छोड़कर सीधे नीरज के सामने प्रकट हो जाता है और अब उसका आमना-सामना सीधे नीरज से होता है।दोनो ही क्रोध की आग में जल रहे हैं और एक -दूसरे को घूर रहे हैं।अब अनीश गुस्से में नीरज से पूछता है कि पूजा को मारने लिए क्यो भेजा गया था उस चुड़ैल शकीला को?
क्योंकि तुम गलत रास्ते पर जा रहे हो अनीश,इसीलिए मुझे शकीला को भेजना पढ़ा।समय रहते सुधर जाओ वरना
अभी नीरज इतना ही कह पाया था कि तभी बीच मे ही उसकी बात काटते हुए अनीश बोला तो वरना क्या??बोलिये पापा वरना क्या करेंगे आप?
अब नीरज का क्रोध ओर भी ज्यादा बढ़ जाता है और वो बोला तुम जानते हो यहाँ के जितने भी भूत,चुड़ैलें ,पिशाचनियाँ हैं वो सब मेरे ही अधीन है फिर तुम तो एक चुड़ैल के बच्चे ही हो सिर्फ।इसीलिए मेरी आज्ञा की अवहेलना मत करो नही तो पछताओगे।
उसकी बात सुनकर अनीश का क्रोध ओर भी ज्यादा बढ़ जाता है और क्रोध से उसकी आँखे लाल होकर चमकने लगती है!अब वो नीरज से कहता है आप के पास जितनी भी शक्तियाँ हैं वो मेरी माँ की ही आपको मिली है इसीलिए इतना घमंड अच्छा नही।रही बात मेरी शक्तियों की तो समय आने पर आपको पता चल जाएगा कौन किस पर भारी है।आप बस आगे से एक बात ध्यान रखिएगा कि पूजा को नुकसान पहुंचाने का कभी सपने में भी मत सोचिएगा नही तो मैं भूल जाऊँगा की आप मेरे पिता हैं।ये कहकर अनीश वहां से लुप्त हो जाता है और उसकी धमकी से नीरज का क्रोध ओर भी बढ़ जाता है।वो अब खुद से ही बात कर रहा है और कहता है एक बार तू मेरा बदला लेले फिर तेरी सारी शक्तियाँ अपने तंत्र से हाँसिल करके तुझे अपना गुलाम बनाऊंगा!ये कहकर वो जोर-जोर से हँसने लगता है।
दूसरी ओर,अनीश फिर से अर्नव का रूप लेकर घर जाता है तो देखता है पीहू उसका इन्तेजार कर रही है।अब पीहू उसे खाना खिलाती है।खाने में पीहू ने दाल,चावल और रोटी बनाई हुई है जो अनीश को बहुत पसंद आती है!इतने समय से अनिश ने सिर्फ मास ही खाया है इसिलिए इस तरह का भोजन करके अनीश को बहुत अच्छा लग रहा है।वो आज रात भी पीहू को नही मारता ये सोचकर कि कल यही पीहू उसका रिश्ता लेकर पूजा के घर जाएगी!इस बात का जब नीरज को पता चलता है तो वो ओर भी ज्यादा क्रोधित हो जाता है।
अब अगले दिन,पीहू और राघव,कौशल्या और अनीश एक साथ पूजा के घर जाते हैं!पूजा उनके आने का बेसब्री से इन्तेजार कर रही है।
वो खुद को आईने के सामने निखार रही है कि तभी उसकी माँ आ जाती है और पूजा को देखती ही रह जाती है।हल्के हरे रँग के सूट में पूजा बेहद खूबसूरत नजर आ रही थी।खुले हुए बाल उस पर उसने साइड में एक लाल गुलाब की कली लगाई हुई थी जिसकी वजह से उसका रूप ओर भी निखर रहा था।उस पर हल्के हरे और गुलाबी रँग का दुपट्टा उसकी सुंदरता को चार चाँद लगा रहा था।पूजा की माँ उसकी नजर उतारती है और कान के पीछे काला टीका लगा देती है जिससे किसी की भी उसे बुरी नजर न लगे।पूजा भी इस बात से शरमा जाती है और कहती है माँ मुझे किसकी नजर लगनी सभी अपने ही तो है।अर्नव और उसके परिवार ने भी मुझे पहले ही देखा हुआ है।
अब पूजा की माँ कहती है बेटा जो उस रात हुआ अर्नव के साथ उसके बाद मन मे डर बैठ गया है।क्या मालूम उस चुड़ैल के बच्चे का वो किस रूप में वापिस आ जाए?
पूजा अब अपनी माँ की बात सुनकर खिलखिला कर हँसने लगती है और कहती है कि माँ आप ये कहना चाहती है कि वो अनीश अब अर्नव का भेष लेकर आएगा और मुझसे ब्याह कर लेगा?ये कहकर पूजा ओर भी ज्यादा हँसने लगती है और कहती है माँ आप भी ना,बहुत ज्यादा ही डरती हो।
अब उसकी माँ कहती है तू चाहे जो मर्जी सोच बस मूहँ से कभी ऐसी बात मत बोल,क्या मालूम कब जुबान पर सरस्वती माता बैठी हो।अभी वो इतना ही बोल पाई थी कि तभी बेल बज जाती है और वो दरवाजा खोलने जाने लगती है।
तभी पीछे से पूजा मजाक में आवाज लगाती है और कहती है ध्यान से माँ क्या पता चुड़ैल का बच्चा अनीश ही हो दरवाजे पर।ये कहकर वो हँसने लगती है इस बात से बेखबर होकर कि जो वो मजाक में कह रही है वही उसके जीवन की सच्चाई है।
अब वो जाकर दरवाजा खोलती है तो सामने उन सभी को पाती है और उन्हें सत्कार के साथ घर के अंदर लेकर आती है।
अब वो सभी बैठकर बातें करने लगते हैं और अनीश की नजर सिर्फ पूजा का ही इन्तेजार कर रही हैं।
अब पूजा की माँ पूजा को लेने जाती है और उसे लेकर आती है।इतने प्यारे रूप में अनीश तो बस उसे देखता ही रह जाता है!एक पल के लिए तो वो खुद को भी भूल जाता है।
अनीश जैसा शैतान भी आज पूजा का रूप देखकर बदल रहा है और आनेवाले समय मे अनीश में होने वाला परिवर्तन क्या मोड़ लाएगा जानने के लिए पढ़ते रहें चुड़ैल का बच्चा

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