सड़क सुरक्षा नियमों,को जानें बहुत जरुरी है।
जीवन में नित पालन करें,ये और भी जरुरी है।

सड़क सुरक्षा दिवस,सप्ताह,पखवाड़ा मनाएं।
सड़क सुरक्षा माह ही,हम चाहे क्यों न मनाएं।

जब तक नियमों का,पालन करना न आयेगा।
रफ़्तार के कारण ये,एक्सीडेंट बचा न पायेगा।

हेलमेट बाँधे बिना कभी,टू व्हीलर नहीं चलाएं।
सीट बेल्ट बाँधे बिन,निज कार भी नहीं चलाएं।

रफ़्तार का भी ध्यान रखें,इसपर रखिये कंट्रोल।
तेज गति के वाहन चालन से,आफत न लें मोल।

घर से बाहर जब काम,धंधा पर रोज निकलते हैं।
बीबी बच्चे हर प्राणी,कुशल घर लौटें ये तकते हैं।

बन्द रेलवे क्रासिंग जब हो,कभी गेट न पार करो।
कब कोई ट्रेन आजाये,ये जल्दबाजी न यार करो।

कभी हाइवे पर चलते हो,अपनी लाइन में चलना।
बिना हार्न दिए कभी भी,खुद ओवरटेक न करना।

अच्छा चालक वो होता है,जो सब का ध्यान रखे।
खुदभी रहे सुरक्षित और,लोगों का भी ध्यान रखे।

बिना लाइसेंस कोई भी,गाड़ी बिलकुल न चलायें।
18 से कम उम्र के लड़के,लड़की गाड़ी न चलायें।

नाबालिग की ड्राइविंग से,एक्सीडेंट हो सकता है।
जीवन ले दे सकती हैं,पैरेंट भी जेल जा सकता है।

हर वाहन का बीमा रखें,पलूशन सर्टिफिकेट रखें। 
खुद की आँखों का भी,समय-2 पर चेकअप रखें।

गाड़ी भी डग्गामार न हो,इंजन टायर दुरुस्त रखे।
अपने वाहन में हेड लाइट,दोनों एकदम सही रखें।

हार्न बैटरी ईन्धन पानी,टायर हवा सब रहे दुरुस्त।
चौराहे,स्पीड ब्रेकर,हर सिग्नल को देखें रहें दुरुस्त।

नशा करके कोई गाड़ी,बिलकुल भी नही चलाएं।
खुद को रखें दूर ड्राइविंग से,औरों को भी बचाएं।

सफल तभी होगा यह,सड़क सुरक्षा माह मनाना।
इसका यह उद्देश्य है केवल,कैसे भी जान बचाना।


रचयिता :
डॉ.विनय कुमार श्रीवास्तव
वरिष्ठ प्रवक्ता-पी बी कालेज,प्रतापगढ़ सिटी,उ.प्र.