प्यार के बंधन में बांध कर तो देखो
तुम्हें अपने प्यार से मोह ना लूं
यह मीठी शरारत करके तो देखो ।
अपने पर बंधे सारे बंधन
तोड़ जाएगी एक दिन
वक्त से भी तेज दौड़कर
हर मुकाम हासिल कर जाएगी एक दिन ।
डोर से बंधे बंधन तो
मैंने हजारों देखे हैं
बिना डोर मन के बंधन जों बंध जाएं
उसे देखने की तमन्ना आज भी हैं ।
मन का बंधन ही
होता है सबसे खास
भीड़ में भी यह तलाशता है
सिर्फ मन के मीत का ही साथ ।
अपने - अपने वजूद को खोकर ही
खुबसूरत बंधन में दो लोग बंधते हैं
प्रेम ही प्रेम हो जहां
ऐसे प्रेम की डोर में बंधते हैं ।
मन से बंधी एक डोर जो
प्रभु चरणों तक जाती है
जीवन सफल हो जाता है
जन्मों के बंधन से मुक्ति भी मिल जाती हैं ।
मोहमाया के बंधन तोड़
प्रभु भक्ति में जो रम जाएं
कर्म उसके हो अच्छे
जो इंसान ईश्वर का भक्त बन जाएं ।
प्रेम में वों शक्ति है जिसमें ईश्वर भी
भक्तों के सामने झुक जाएं
शबरी के जूठे बेर खाकर भी
श्रीराम मंद - मंद मुस्कुराते जाएं ।
सारे बंधन छोड़ ईश्वर रूपी
उन्मुक्त गगन में विचरने का मन करता है
इस स्वार्थ से भरें जग में
अब नहीं रहने का मन करता है ।
धन्यवाद 🙏🏻🙏🏻
" गुॅंजन कमल " 💗💞💓

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