देख कर रीत दुनिया की दिल में आक्रोश होता है
ज़ब बेटी की डोली के सिवाय बहू की अर्थी निकलता है
क्या मिल जाता है ऊन लोगो को इस तरह ज़ुल्म करके
देते है इतना दर्द की जुबाँ से कहना बहुत मुश्किल होता है
बहुत खास होती है हर बेटी अपनी माँ बाप के लिए ज़िन्दगी में
जो किसी बेटे से भी ज्यादा दुलार अपनी गुड़िया के लिए होता है
सजाकर आँखों में हज़ार सपने वो बिदा बेटी की करते है
जो इस जहाँ में बेटी का विवाह सबसे बड़ी प्रथा माना जाता है
क्यों नहीं निभाते लोग वो कसमें जो समाज के सामने खाते है
क्यों उसकी सज़ा ससुराल में एक बेटी को ही सहना होता है
जन्म से ही एक बेटी समाज के लिए एक श्राप होती है
बचपन से लेकर सुहागन होकर भी किस्मत के अभिशाप से बच नहीं पाती है
क्या इतना बड़ा गुन्हा होता है धरती पर बेटियों की जन्म लेना
ये सोच कर ही नैना इस दिल में बड़ा ही आक्रोश होता है....!!
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नैना.... ✍️✍️

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