फिर भी तेरे साथ हूॅं मैं
साथ बिताए हर लम्हें और
अपनेपन का एहसास हूॅं मैं
तन्हा कभी खुद को तुम पाओ तो
तन्हाई भरें पलों में तेरे आस - पास हूॅं मैं
यह जिंदगी नहीं तेरे संग फिर भी
तेरी हर तकलीफ में तेरे साथ हूॅं मैं
मुझसे बिछड़ कर गम नहीं है तुझे
तेरे कहे इस झूठ में भी तेरे साथ हूॅं मैं
तू नहीं मेरा मैं भी नहीं तेरी
इस खबर को दुनियां को बताने में तेरे साथ हूॅं मैं।"
धन्यवाद 🙏🏻🙏🏻
" गुॅंजन कमल " 💓💞💗

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