कह दो तुम्हें जो भी कहना है हमसे,
हम फिर तुम्हारी बातें सुनने नहीं आएँगे ,
याद रखना हमारा ये कहना कि हम ,
एक दिन बड़ी खामोशी से चले जाएँगे ।
तुम्हारी नज़रें ढूँढ ले हमें,
वो दूरी इतनी कम नहीं होगी,
हम चाह कर भी कुछ कर न पाएँगे,
मजबूरी हमारी भी कम नहीं होगी,
सुना है ये नींद(जाम) तुम्हारी पहली मोहब्बत है,
तुम्हारे इश्क़ को हम गले से लगा जाएँगे ,
याद रखना हमारा ये कहना कि हम ,
एक दिन बड़ी ख़ामोशी से चले जाएँगे ।
जिस वक्त के लिए रुलाते हो हमें,
अक्सर बेवजह ही वो वक्त लुटाओगे,
बैठकर अस्सी की सीढ़ियों पर तुम,
वो लाल चाय देख बहुत पछताओगे,
तिनका तिनका कर संजोए अपने ही रंगत को,
मणिकर्णिका की राख में मिलाते चले जाएँगे,
याद रखना हमारा ये कहना कि हम,
एक दिन बड़ी खामोशी से चले जाएँगे।
कहना तो बहुत कुछ था तुमसे मगर,
चंद पन्नों में अपने जज़्बात लिख आए हैं,
वो मेरे सिरहाने पर रखी लाल डायरी में,
एक ख़त तुम्हारे नाम रख आए हैं ,
हो सके तो एक दफा पढ़ जरूर लेना,
एक अरसे से छुपे एहसास पन्नों में समेटे चले जाएंगे,
याद रखना हमारा ये कहना कि हम,
एक दिन बड़ी ख़ामोशी से चले जाएँगे।

0 टिप्पणियाँ