हर दिन होली रात दिवाली,
हर घर में खुशहाली हो,
मन का तिमिर जब मिट जाए 
तो समझो आज दिवाली है।

हौसलों से भरी उड़ाने हो,
दिल में प्रेम का दरिया बहे,
निराशा के बादल छंट जाए,
तो समझो आज दिवाली है।

दूसरों के कष्टों से मन द्रवित हो,
औरों के खुशियों में मन हर्षाए
ईर्ष्या, द्वेश मन से, दूर हो जाए,
तो समझो आज दिवाली है।।

चाहे तुम को प्यार मिले या
जिंदगी में कुछ हार मिले
दुख में मन न विचलित हो,
तो समझो आज दीवाली है।

कोई खुशियां न छोटी हो,
नियत कभी न खोटी हो।
अपनी गलती आप सुधारो
तो समझो आज दीवाली है।।

जीवन का आधार प्रेम हो,
कर्तव्यों का सार परमेश्वर
दिलों में सद्भावना आए
तो समझो आज दीवाली है।।

सम्मान भरा जीवन अपना हो
इंसानियत पर न चोट करे कोई
विश्वासघाती से पाला न पड़े तो
समझो आज दीवाली है।।

देश प्रेम का मन में जज़्बा हो
अपने मन पर अपना कब्जा हो,
अपने संस्कृति से प्यार हो जाए
तो समझो आज दीवाली है।।

           अम्बिका झा ✍️