प्यार के बंधन में बंधा हुआ संसार
कितना प्यारा कितना सुन्दर।
विविध रिश्तों में बंधा हुआ संसार
प्रेमी दोस्त और बहन भाई ।
अंतर्मन में एक विचार ने बांध रखा 
स्नेही कोमल रिश्तों की सौगात ।
अखण्डता एवं समरसता भावों की
निर्मल धारा विश्वास सहजता।
सुख दुख में सब साथ खड़े हो
एकजुट होकर ध्यान रखे हम।
सुन्दर स्नेहिल भावना और रिश्तों में
सहज सरलता कोमलता इसमें।
कितने विविधतापूर्ण रिश्ते हैं
हर रिश्ते का अनुपम बंधन है।
कभी रूठना कभी मनाना
लड़ना झगड़ना फिर मिल जाना।
अद्भुत रचना ईश्वर की है ये
अदृश्य शक्ति बांध रही है।
परिवार-समाज और देश-दुनिया के
बंधन में बंधा हुआ हर इन्सान है।
प्यारे बंधन में बंधा हुआ संसार है।।
----अनिता शर्मा सुधा नर्सिग होम झाँसी
-----मौलिक रचना