अन्धेरा कितना भी घना हो, 
उजाले की तलाश जारी होनी चाहिए l
जिंदगी कैसी भी हो तुम्हारी,
जीने की कोशिश चलती रहनी चाहिए l

दुःख और तकलीफ़ें,हैं क्या? 
बोझिल ना हो जिंदगी..उसका साधन हैं,
उन्हें झेलते रहने की तुम्हारे अंदर, 
सहनशक्ति और हिम्मत होनी चाहिए l

कभी आँखो में आँसू, 
कभी होठों पर उदासी होगी,
तो हर हाल में खुश रहने का और 
ठहाके लगाने का जज्बा होना चाहिए l

सामने होगा,काँटो से तो,
कभी पत्थरों से भरा रास्ता,
सस्ते चोर रास्तों को भूलकर, 
उन्हें चलके पार करने का हौसला होना चाहिए l 



मुश्किलें कितनी भी आए, 
बड़ी दूभर, तुम्हारे सामने मगर,
स्वाभिमान और ईमानदारी का दामन,
हरदम तुम्हारे साथ बँधा हुआ होना चाहिए l

जिंदगी में तो आयेंगे ही, 
हमेशा बदलाव और उतार-चढ़ाव,
तो उन्हें पार करने की हरदम, 
कोशिशें हजार, तुम्हारे द्वारा होनी चाहिए l


✍️शालिनी गुप्ता प्रेमकमल 🌸
(स्वरचित)