यें गाड़ियों का धुआं .. ....यें हाॅर्न ..
यें लोगों के शोर - गुल
जब कानों में पड़ते हैं ।
वृक्षो को काट - काट सड़के और
अपना आलीशान महल बनाया
प्रदुषण से बचाने वालों को ही
सबने सूली पर चढ़ाया ।
प्रदूषण से मुक्त पर्यावरण
क्या कभी हो पाएगा
हमने ही तो न्योता देकर इसे बुलाया है
क्या यह हमारी जिंदगी से कभी भी जा पाएगा ।
प्रदूषण एक महामारी की तरह
हर जगह फैलती जा रही हैं
धरती माॅं और लोगों को यह
नुकसान पहुॅंचाती जा रही हैं ।
धन्यवाद 🙏🏻🙏🏻
" गुॅंजन कमल " 💓💞💗

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