पहले मेरी उन्हें बधाई,जिनके जन्मदिन हैं आज।
धरती पर अवतरित हुये,माता-पिता को है नाज।

उन्हें भी बधाई है मेरी, जिसने परीक्षायें की पास।
इंटरव्यू में सफल हुये,जीवन में बढ़ा हर्ष उल्लास।

मेरी बधाई उनको भी,जो नये-2 इतिहास लिखे।
देश का मान बढ़ाये,हरक्षण करते विकास दिखे।

उन्हें भी बधाई है मेरी,जिनकी वैवाहिक वर्षगांठ।
हँसी ख़ुशी से ऐसे बीते,आजीवन बना रहे  साथ।

मेरी बधाई उनको भी,जिसने नये कीर्तिमान गढ़े।
ऐसी सुन्दर उपलब्धि,जीवन भर मिले आगे बढ़े। 

उन्हें बधाई है मेरी,परिणय-सूत्र में जो आज बंधे। 
सुखी रहे दाम्पत्य जीवन,शदियों तक सुहाग रहे।

मेरी बधाई है उनकोभी,कोरोना से जो लड़े जीते। 
स्वस्थ्य एवं दीर्घायु रहें,जल्दी ही बुरा समय बीते।

उन्हेंभी बधाई है मेरी,जो माता-पिता बनेहैं आज। 
आंगन में खुशी छाई है,बजरहे ढोल नगाड़े साज। 

मेरी बधाई है उन्हें भी, जिसने कन्या-दान किया।
जीवन में ये बड़ा सुख,कन्यादान महादान किया।

उन्हेंभी बधाई है मेरी,जिसने राष्ट्रका मान बढ़ाए।
भारत का झंडा ये ऊँचा,सदा रखा झंडा लहराए। 

मेरी बधाई है उन्हें भी,घर का जो निर्माण कराए।
फ्लैट लिए या बँगला पूरा,अपना परिवार बसाए। 

उन्हेंभी बधाई है मेरी,जो नई कार लेके घर आये।
प्रभु स्वप्न पूरे किये,सेफ ड्राइविंग से आनंद पायें।
 
रचयिता :
डॉ.विनय कुमार श्रीवास्तव
वरिष्ठ प्रवक्ता-पी बी कालेज,प्रतापगढ़ सिटी,उ.प्र.