हाले दिल लिखकर भेजा फिर क्यों समझ ना पाएं 
सब जान समझ कर भी अनजान बन कर दिखाएं 
देखा झांक कर तेरी आँखों की गहराई में तो पाया 
चाहता है तू भी उतना ही जितना मैंने तुझे चाहा 
नेहा धामा " विजेता " बागपत , उत्तर प्रदेश