आई महामारी मानव घबराया।
मानवता ने थाम हाथ अपना कदम बढ़ाया।।
कटिबद्ध रक्षा में योद्धा सज धज में आया।
रोती बिलखती जनता को बचाने देवदूत आया।।
जान की बाजी लगाकर जीवन सबका बचाया।
सबके सहयोग से भारत ने दुनिया में मानवता का परचम फहराया।।
विश्व गुरू बनकर पूरी दुनिया को शांति का पाठ पढा़या।
आज फिर सबने मानवता के लिए अपने जीवन में नया संकल्प उठाया।।
स्वरचित मौलिक अप्रकाशित सर्वाधिकार सुरक्षित डॉ आशा श्रीवास्तव जबलपुर

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