जाने से पहले एक मुलाकात तो जरूरी थी सनम ।
मायूस है नैना कहूं किससे मैं अपने दिल का हाल
कैसे गुजारूॅंगी मैं तुम बिन अपने जिंदगी के साल।
भींगी है पलके मन है बहुत अशांत
तुम बिन कैसे गुजारूॅं अपने दिन और रात।
तेरी बातें तेरे वादे और तेरा प्यार
सब कुछ याद आ रहा है मुझे
मैं बस तुमसे पूछूं एक सवाल
नफरत भरी इस दुनिया में क्यूं छोड़ गया मेरा हाथ ।
मेरे नाजुक हाथों में तेरा मजबूत हाथ था
ऐसा लगता था जैसे पूरा जहां मेरे साथ था।
ना तुम कुछ कह सके ना मैं कुछ कह सकी
बातें जो दिल में थी वो दिल में ही रही ।
ताउम्र निभाता रहा अलग - अलग फर्ज
क्यों तू ना चुका पाया मेरे इश्क का कर्ज ।
कैसे दे दूॅं इजाजत तुझको दूर जाने की
मुझमें हिम्मत नहीं तुम बिन संभल जाने की।
अधूरे जीवन का खालीपन मुझे जिंदगी भर सहनी है
तेरी कमी मुझमें अंतिम साॅंस तक रहनी है ।
काश ! जिंदगी में यह वक्त ना आता
ईश्वर मुझे यह दिन ना दिखाता ।
घडियाॅं इंतजार की खत्म नहीं हुई थी सनम
जाने से पहले एक मुलाकात तो जरूरी थी सनम।
" शहीद की पत्नी "
धन्यवाद 🙏🏻🙏🏻
" गुॅंजन कमल " 💗💞💓

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