हे छठी मैया
मिले भक्ति का मार्ग
ना चले कभी कुमार्ग
हे छठी मैया
धन धान्य से भरा जग हो
विश्वास आस में डूबा मन हो
हे छठी मैया
देते अस्त उदय सूर्य को अर्घ्य
समझाती प्रकृति ही है सर्वज्ञ
हे छठी मैया
निर्जला व्रत है कठिन तपस्या
दूर करना जगत की अमावस्या
हे छठी मैया
श्रद्धा का सूप ठेकुआ हो प्रसाद
हर किसी के जीवन में हो मिठास
हे छठी मैया
देना सबको आशीर्वाद
करना सुख शांति का प्रसार
हे छठी मैया
देना सबको समृद्धि का वरदान
तेरी शरण में आया है हर इंसान
आरती झा(स्वरचित व मौलिक)
सर्वाधिकार सुरक्षित © ®

0 टिप्पणियाँ