मेरा स्वाभिमान हो तुम, 
मेरा अभिमान हो तुम
मेरे आदर्श हो तुम, 
मेरे उसूल हो तुम 
मेरे जीने की वजह हो, मेरी पहचान हो तुम l 
मेरी हिम्मत हो तुम, 
मेरी ताकत हो तुम 
मेरी उम्मीद हो तुम, 
मेरी तलाश हो तुम 
लड़ रही हूँ मैं, क्योंकि मेरे अंदर अभी तक बाकी हो तुम l 
रोज हँसती हूँ मैं, 
रोज मुस्कराती हूँ मैं 
रोज गिरती हूँ मैं, 
रोज सँभलती हूँ मैं 
अभी तक खड़ी हूँ, क्योंकि खड़े रहने की वजह हो तुम l 
ना कभी डरती हूँ मैं, 
ना कभी सहती हूँ मैं
ना कभी झुकती हूँ मैं,
ना कभी हारती हूँ मैं 
बेख़ौफ खड़ी हूँ,क्योंकि नजरें मिलाए रखने की वजह होतुम 
मेहनती हूँ मैं, 
ईमानदार हूँ मैं 
बिन्दास हूँ मैं, 
तेरी परवरिश हूँ मैं 
जैसी भी दिख रही हूँ,पर असलियत में उसकी रूह हो तुम l
बहुत सुन्दर हो तुम,
बहुत शान्त हो तुम 
बहुत अच्छे हो तुम,
मेरा विश्वास हो तुम, 
सबसे बेहतर हो तुम 
सबमें ढूँढती हूँ, पर क्या करुँ!! मिलते ही नहीं... क्योंकि 
सारी दुनिया में सिर्फ एक हो तुम🥰❤❤❤❤
🙏मेरी जिंदगी हो तुम,मेरे हीरो हो तुम


✍️शालिनी गुप्ता "प्रेमकमल"