आसान नही होता हमसफ़र बनना , बिना जाने बिना समझे एक अनजान के साथ चलना, यह बात एक लड़की और लड़के दोनों पर डिपेंड करती है ।
दोनों ही अनजान होते फिर धीरे धीरे एक दूसरे को समझते परखते बढ़ते  जीवन के सफर पर हम कदम बनकर।
  मन मे दोनों के की इच्छाएं कुछ सपने होते अपने हमसफ़र को लेकर, कभी कभी नही होते वो गुण हमारे हमसफ़र मे फिर भी हम उसे सच्चे मन से स्वीकार करना चाहिए, सबका अपना अपना स्वभाव है , सभी एक से नही होते।
थोड़ा सब्र रखना चाहिए।
जरूरी नही वो हर वक्त आपके आगे पीछे तारीफों के पुल बांधते रहें ,आपकी सौन्दर्य चर्चा करते रहें, कभी कभी  बहुत प्यार होता है मौन में छिपा, वो नही कहते आगे पीछे घूमकर  तारीफों की बातें, जानू बाबू ,सोना, हर पल।पर, 
हमारी जरूरतों को बिन कहे समझ लेते, चेहरे की शिकन से समझ जाते कुछ मुश्किल है, आवाज से भांप लेते उदासी और खुशी,   चाल से भांप लेते  मन की व्यथा,
पलकों के न उठने से जान लेते उनमें क्या छुपा , आँखों मे झांककर जान लेते मन की मर्जी न मर्जी। खामोशी से समझ लेते दिल के राज , जो सिर्फ अंतरंग पलों में ही मोहब्बत नही लुटाते बल्कि हर लम्हा जज्बातों से भरे रहते, पल पल हमारे एहसासों से जुड़े रहते।
जिनके पास होते ऐसे हमसफ़र वो सच मे खुशनसीब होते, चाहें वो लड़की हो या लड़का।
इस मामले में हम बहुत खुशनसीब हैं ,भगवान के चरणों में
बार बार सर झुकाकर उनका शुक्रिया करते हमे इतना अच्छा हमसफ़र देने के लिए।
जो सही मायने में सच्चे हमसफ़र हैं हमारे, मेरे" विनय बाबू,, बस यही कहता उन्हें देखकर दिल---
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तू साथ है तो हमे क्या कमी है,
अंधेरों से भी आ रही रोशनी है।
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अंजू दीक्षित,
बदायूँ,
उत्तर प्रदेश।