बिना कहे बहुत कुछ कहती है आंखे
यह जग है कितना सुन्दर,
सौंदर्यता का वर्णन करती है आंखे
प्रत्येक अंग है महत्वपूर्ण
पर सबसे प्यारी है आंखे
आंखे जो खुद का आईना है
आंखे ही शरीर का गहना है
आंखे जो हमको दिखाती है दुनियां
आंखे जो हमको दिखाती है कमियां
आंखे जो प्रियतम का दीदार कराती है
आंखे ही है जो दो दिलो को पास लाती है
आँखों की मत पूछो बात
बिन आँखों के क्या दिन क्या रात
आंखे है तो सपने है
आंखे है तो अपने है
आंखे है तो सुंदर लगता है संसार
बिन आँखों के जीना है बेकार
आंखे भी जीवन की साथी
तभी तो साथ मे अपने आंसू लाती है
आंखे जीवन का दर्पण है
आँखों से ही अपना सुंदर जीवन है
सत्येंद्र पाण्डेय 'शिल्प'
गोंडा उत्तरप्रदेश

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