चाहे हर बंधन से मुक्त हो जाऊं,
 ईश्वर तेरा मोह ना छोड़ा जाए,
दिल टूटे या जग छूटे,
 हे रब तेरा मोह ना छोड़ा जाए।
जीवन भर कृष्ण प्रेम की बंसी बजाई,
 ईश्वर तेरी भक्ति में ही रैना बिताई।
जिंदगी के मोह जाल में फंसा है हर इंसान ऐसे,
जीवित रहते मुक्ति कहां।
मृत्यु के मुंह से छूटे, ऐसी कोई शक्ति कहां।
प्रिया धामा
भिलाई, छत्तीसगढ़