नई पीढी के बच्चे हो या युवा
बड़े बूढ़े सभी इसी की गिरफ्त में आ रहे है
अपनी जिंदगी को धुएंँ के छल्लों में उड़ा रहे हैं
फैशन के नाम पर अपनी जिंदगी बर्बाद कर रहे है
धीरे-धीरे नशे की आदी होते जा रहे है
नशे मे डूब रही है जिन्दगी
कोई इश्क के गम में
कोई बेरोजगारी के गम मे
कोई मानसिक अवसाद मे
तो कही पैसो के नशे मे
दुनिया मे गम बहुत सारे है नशे मे ही कयुँ डुबना
एक बार इस भवँर मे फँस जाओगें
चाहकर भी कभी मुक्त नहीं हो पाओगे
नशा है मीठा जहर , जीवन मे बरसाता है कहर
नशे मे डूब रही है जिन्दगी
जीवन मे जो नशे को अपनाता है
वह फिर कभी अपने आपे मे ना रहता है
हर वक्त उसे नशे की रहती है तलब
नशे के चक्कर मे अपने परिवार
की सुख शांति का कर देता है भंग
नशा करने वालों का अंदर से शरीर हो जाता है खोखला
पैसों को भी दीमक की तरह चाटकर कर जाता है साफ
अब भी वक्त है संभल जाईए
चौरासी लाख योनी के बाद मिलता है मानुष जीवन
यूँ नशे मे डूबकर जीवन को व्यर्थ ना गँवाईऐ
नशा है जहरीला पान ,इसके सेवन से अंदर रहती नहीं जान
छोड़कर नशा मुक्ति पा लो ,
जीवन मिला है इसे युक्ति से सुलझालो
शिल्पा मोदी✍️✍️

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