पूजा अनीश के बालों में से जहरीला कीड़ा निकाल देती है जिससे उसके हाथों में डंक लग जाता है।जिससे उसके हाथ मे अब असहनीय पीड़ा होने लगती है।अनीश उसे एक पत्थर पर बिठाता है और डाँटता है।अनीश अब उसे गुस्से में कहता है क्या जरूरत थी इस तरह कीड़े को हाथ से हटाने की?तुम्हे पता है ये जँगल है यहाँ ऐसे जहरीले हजारो कीड़े होंगे।ये कहकर अनीश आसपास कोई पत्ते ढूंढता है।काफी देर तक ढूंढने के बाद उसे वो पत्ते मिल जाते हैं।अब अनीश उन्हें तोडकर पूजा के हाथ पर रगड़ देता है।काफी देर रगड़ने के बाद अब पूजा के हाथ से जहर निकल जाता हैं और अब उसका दर्द भी कम हो जाता है।अब पूजा को कुछ राहत महसूस होती है और वो वही पर रखे एक बड़े पत्थर पर लेट जाती है।
अनीश उसे ऐसे निढाल पड़े देख डर जाता है और जाकर उठाता है।अनीश कहता है पूजा उठो बताओ क्या हुआ?कोई दिक्कत है क्या?
पूजा अनीश को इस तरह चिंता करते देख उठ कर बैठ जाती है और कहती है कोई दिक्कत नही है बस नींद आने लगी थी शायद थकावट की वजह से।
अनीश अब समझ जाता है कि हो न हो उस जहरीले कीड़े का जहर पूजा के शरीर मे रह गया हैमअब अनीश अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करता है और अपना एक हाथ उसके सिर पर रख देता है।अब अनीश आँखे बंद करके मन मे ही कुछ बोलता है जिससे उसके शरीर का सारा जहर अदृश्य होकर निकल जाता है और पूजा भी अब नॉर्मल महसूस करती है।
पूजा अब उठ कर अनीश को गले लगा लेती है और अनीश भी खुद को रोक नही पाता वो भी पूजा के गले लग जाता है।दोनो एक-दूसरे में खो जाते हैं और काफी देर तक यूँ ही एक दूसरे में सिमटे रहते हैं।अब अनीश पूजा से कहता है पूजा तुम्हारे प्यार ने मुझपर बहुत असर डाला है अब नही जी सकता तुम्हारे बिना।मुझे कभी नही छोडोगी न?
पूजा अनीश की कहती है ये तुम ऐसी बातें क्यो कर रहे हो अर्नव? मैं भला तुम्हे क्यों छोड़ने लगी?
अनीश उसे अपने करीब करते हुए कहता है कुछ भी हो बस मुझे मत छोड़ना ये कहकर दोनो फिर से गले लग जाते हैं।
अब अनीश अपने इर्दगिर्द कुछ नकरात्मक शक्तियों को महसूस करता है और सचेत हो जाता है।अब अनीश पूजा से कहता है पूजा अब हमें इस जँगल से चलना चाहिए।
अब पूजा और अनीश बाइक पर वापिस आने लगते हैं तो कुछ प्रेतात्माएं उन्हें घेर लेती है और उनकी बाइक फिसल जाती है।बाइक फिसलने से दोनो दूर जाकर गिरते हैं जिससे दोनो को ही काफी चोटें आती हैं।अब वो दोनो एक दूसरे का हाथ पकड़ कर खड़े हो जाते हैं तो ठीक उनके सामने एक भयानक सी चुड़ैल खड़ी होती है।उसकी आँखें बड़ी-बड़ी और हरे रँग की है और भयानक सा चेहरा है!नाखून भी बड़े-२ हैं और दाँत भी!जगह-जगह से उसके चेहरे और शरीर से खून रिस रहा है जिससे वो चुड़ैल ओर भी भयानक लग रही है।पूजा उसका इतना भयानक रूप देखकर बेहोश हो जाती है और अब अनीश भी अपने असली रूप में आ जाता है।
अनीश अब गुस्से में उस चुड़ैल को गर्दन से पकड़ कर कहता है “क्यों रोका हमारा रास्ता”?
वो चुड़ैल कहती है हमे गुरुजी ने हुक्म दिया है कि जाओ और जाकर उस लड़की को मारकर आओ,अनीश को समझाकर आओ कि उसका उस लड़की के साथ कोई सम्बंध नही रखना है।इसीलिए हमें आना ही पड़ा!वो आपके हर कदम पर नजर रख रहे हैं।
अब अनीश ओर भी ज्यादा खूंखार हो जाता हैं और उस चुड़ैल को गर्दन से पकड़ कर दूर फैंक कर मारता है,जिससे वो अदृश्य हो जाती है।अब अनीश पूजा को होश में लाने की कोशिश करता है और कुछ देर बाद वो होश में आ जाती है।अनीश अपनी शक्तियों के प्रयोग से उसे सब भुलवा देता हूँ!पूजा उठती हैं और पूछती है क्या हुआ मैं कैसे बेहोश हो गई?
अनीश उसे मजाक में कहता है “तुमको खाना चाहता था इसीलिए बेहोश हो गई!”
अब पूजा उसके करींब आकर कहती है तो ठीक है लो अब खालो।
अनीश एकाएक ही उसके ओर करींब आ जाता है और जैसे ही उसे प्यार से एक किस करने लगता है तो वो उससे दूर हो जाती है और कहती है बस बस हम जंगल में है और मुझे लगता है अब हमें यहाँ से चलना चाहिए।
अनीश अब चुपचाप जाकर बाइक स्टार्ट करता है और पूजा उसके पीछे बैठ जाती है!दोनो अब जँगल से बाहर की ओर चल पड़ते हैं।
दूसरी ओर,वो चुड़ैल तड़पती हुई नीरज के सामने गिरती है और नीरज उसे घायल अवस्था मे देखकर क्रोधित हो जाता है।वो अब पूछता है क्या हुआ,किसने किया तेरा ये हाल?
चुड़ैल कहती हैआपके बेटे अनीश जी ने।
ये बात सुनते ही नीरज के क्रोध का कोई ठिकाना नही रहता और वो अब ओर भी ज्यादा क्रोधित हो जाता है।अब वो मन ही मन अनीश को आवाज दे रहा है,उसे वो अपने सामने बुलाना चाह रहा है।अनीश भी उसकी आवाज सुन चुका है और अब वो सुरक्षित पूजा को घर छोड़ कर नीरज के सामने प्रकट हो जाता है!दोनो का आमना-सामना हो रहा है!दोनो ही क्रोध में हैं।

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