जो होगए हम दीवाने उनके पहली मुलाक़ात में
कुछ तो जादू उनकी आँखों का भी था
जो चुरा लिया दिल मेरा उन्होंने एक ही मुलाक़ात में
चले नहीं थे हम साथ साथ कभी राहो में
फिर भी ज़िन्दगी के राहो की हमराही बन गए
काफ़ी ही था उनका एक मुस्कुराहट लबों की
जो चुरा लिया दिल मेरा उन्होंने एक ही मुलाक़ात में
जाने क्या कशिश भरा था उस हँसी मौसम में
उनके साँसो की महक घुली थीं हवाओ की चलन में
गालो पर आती ज़ुल्फे एक सलीके से कानो के पीछे करना उनका
जो चुरा लिया दिल मेरा उन्होंने एक ही मुलाक़ात में
मेरे इस दिल को जो घायल किया था
वो उनकी शरम से झुकी झुकी क़ज़रारी आँखे
रुका नहीं दिल सीने में एक लम्हा भी नहीं देख उन्हें
छीन लिया चैन मेरा एक अदा से अपना पलकें उठाके
दिल में आज तक कैद है वो लम्हें ज़िन्दगी के
ज़ब इन आँखों ने ख़्वाबों से सुन्दर महबूब का दीदार किया
जाने कब वो मिलेगी हकीकत में वो चाँद सी सूरत वाली
जो चुरा लिया दिल प्रतिम के उन्होंने एक ही मुलाक़ात में.....!!

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