कहते हैं किसी के होठों पर,
मुस्कान लाना ही जीवन है।
पर कुछ लोग छीनकर किसी के,
होठों से मुस्कान समझते जीवन है।
हंसते-गाते को मत रूलाओ।
रूठे-रोते को खुशियों में झुलाओ।
छीनना मुस्कान अगर है आसान।
मुश्किल क्या लाना मुस्कान।
ले लो दुआएं मुस्काते लोगों की।
ना लो बद्दुआएं रोते लोगों की।
मुस्कान को समझो कमाई का हिस्सा।
मुस्कान तो नहीं कोई रहस्यमयी किस्सा।
                   -चेतना सिंह