अनीश अब नीरज यानि अपने पिता से बात करके फिर से कठोर हो जाता है और उसे रात की  नींद के लिए पछतावा होने लगता है।अब वो सोचता है कि काश रात उसे उस पीहू की लोरी सुनकर नींद न आई होती तो आज पीहू को मारकर अपनी माँ की मौत का बदला ले चुका होता!अब अनीश खुद से ही बातें करता हुआ कहता है कोई बात नही ये काम कल रात नही  हुआ तो आज रात जरूर कर दूँगा यही सोचकर अनीश अब तैयार होकर अपने कमरे से बाहर आता है।अनीश देखता है कि कौशल्या और पीहू आपस में कुछ नीरज की ही बात कर रहे हैं इसीलिए वो अब छुप कर सुनने की कोशिश करता है।

कौशल्या कह रही है पता नही नीरज के किये की सजा हम सब कब तक भुगतेंगे?इस लड़के ने जो किया तेरे साथ वो बहुत नही था जो अब अपने बेटे को भी यहाँ भेज दिया था हम सभी से बदला लेने।

पीहू इस बात पर रोने लगती है और कहती है माँ उस बच्चे का क्या कसूर जो नीरज और छाया ने अपने स्वार्थ के लिए पैदा किया था!उस समय चाहे उसकी शक्तियों से डरकर मैंने उसे छोड़ दिया लेकिन आज जब वो मर चुका है तो पता नही क्यों बहुत दुख हो रहा है।काश कि वो भी अर्नव की तरह मेरा ही बेटा होता।ये कहकर वो रोने लगती है और कौशल्या उसे दिलासा देने लगती है।

अब अनीश भी वहां आ जाता है और उसे देखते ही वो दोनो नॉर्मल होकर बातें करने लगती है।

अब अनीश नाश्ता करके कॉलेज चला जाता है और वहां पर पूजा से मिलता है!अब उसके दिमाग मे एक शैतानी सोच आती है और वो पूजा से कहता है चलो पूजा आज कही घूमकर आते हैं!पूजा पहले तो मना कर देती है लेकिन जब अनीश ज्यादा ही जोर देकर कहता है तो वो मान जाती है।अब दोनो चल पड़ते है जँगल की ओर।

अनीश मन मे सोच रहा है आज इसे मारकर इसका ताजा खून अवश्य पी जाऊँगा।ये सोचकर वो उसे अपनी बाइक पर ले जाता है और धीरे-धीरे  उसे बातों में लगाकर उसे सुनसान रास्तों की ओर ले जाता है।अब पूजा देखती है कि वो किसी सुनसान रास्ते पर हैं तो वो पूछती है अर्नव हम कहाँ जा रहे हैं?


अनीश कहता है चिंता मत करो मेरी जान तुम्हे खा नही जाऊँगा,बस थोड़ा जँगल में जाने का मन किया आज तुम्हारे साथ।

अब वो दोनो घने जंगल मे है और पूजा को बहुत डर लग रहा है वो अब अनीश को कहती है अर्नव चलो वापिस चलते हैं।

अनीश मन मे सोच रहा है अब तू वापिस नही सीधा ऊपर जाएगी लड़की।तेरा ताजा खून पीकर मैं अपनी प्यास बुझाऊँगा।तभी पूजा उसे टोकती है क्या सोचने लगे अर्नव?

अनीश अब उसे कहता है कुछ नही बस तुम्हारे बारे में ही सोच रहा था।

अब अनीश का शैतानी रूप उस पर हावी होने लगा था और  वो धीरे-धीरे  उसकी ओर बढ़ने लगा।घने जंगल मे ज्यादा पेड़ होने की वजह से अँधेरा लग रहा था,जिस वजह से  पूजा ठोकर ख़ाकर एक गढ़े में गिर जाती है।अब अनीश फिर से शैतानी रूप से बाहर आता है और दौड़कर उसकी ओर जाता है।

वो देखता है कि  गड्ढा बहुत ही गहरा है और उसमे बहुत लंबा साँप बैठा है।जो पूजा से कुछ ही दूरी पर है।

अनीश अब उसे बचाने के लिए जैसे ही अपनी शक्तियों का प्रयोग करने लगता है लेकिन तभी उसे याद आता है कि वो पूजा के सामने अपनी शक्तियाँ नही दिखा सकता।अब वो एक आम इंसान की तरह किसी पेड़ की छाल तोड़कर लाता  है और उसे नीचे फेंकता है।पूजा धीरे-धीरे  उसे  पकड़ लेती है और अनीश उसे ऊपर खींच लेता है!अब वो मन मे सोच रहा है कि जिसे मैंने खाना है उसे एक साँप को कैसे सौंप सकता था!ये सोचकर वो शैतानी हँसी हँसने लगता है।


पूजा इतनी घबरा जाती है कि वो दौड़कर आकर अनीश को गले लगाकर रोने लगती है और अब अनीश सोच रहा है कि ये अच्छा मौका है इस लड़की को खाने का।ये सोचकर जैसे ही वो दांत गड़ाकर उसपर वार करने लगता है कि तभी पूजा उसके बालों में फंसे हुए एक कीड़े को दूर फैंक देती है।

अब अनीश उससे पूछता है “क्या हुआ तो पूजा कहती है कुछ नही तुम्हारे बालों में एक जहरीला कीड़ा था निकाल दिया है”।

अब अनीश उसका हाथ देखता है जिसपर उस कीड़े का डंक लगा हुआ है।अनीश उसे कहता है कि तुम्हे क्या जरूरत थी मैं खुद निकाल देता।

पूजा ये बात सुनकर मुस्कुराने लगती है।