जहां चाह होती है, वहां राह होती है,
राहे हो जाएंगी आसान, मन में हो विश्वास और हो दृढ़ संकल्प,
विकल्प कहते हैं छोड़ दो ये रास्ता,
संकल्प कहते हैं ये रास्ता ही है मंजिल।
विकल्प तो बहुत मिलेंगे रास्ता भटकाने के लिए,
संकल्प एक ही काफी है मंजिल को पाने के लिए।
कुछ कर गुजरने के लिए विचार नहीं दृढ़ संकल्प चाहिए,
साधन तो सभी जुट जाएंगे संकल्प का दृढ़ निश्चय चाहिए।
किया गया संकल्प कभी अल्प नहीं होता,
जो टूट जाए वो संकल्प नहीं होता।
प्रिया धामा

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