उपरोक्त पंक्तियां दृढ़ निश्चय और संकल्प की तरफ इशारा करते हैं। व्यक्ति जब अपने मन में कुछ ठान लेता है और वह अपने कार्य के प्रति ईमानदार हो जाता है तो उसे कामयाब होने से कोई नहीं रोक सकता है।।

इस भाग दौड़ भरी जिंदगी में रुकावटें और कठिनाइयां सभी के समक्ष आती हैं परंतु इन कठिनाइयों से डरना नहीं चाहिए बल्कि इनसे मुकाबला करना चाहिए जिससे तुम्हारे सफलता का मार्ग प्रशस्त हो सके।

उपरोक्त पंक्तियों में कभी कहना चाहता है कि जमाना कितना भी मेरे रास्ते में बाधा उत्पन्न करें परंतु मेरा संकल्प बाधा को जड़ से समाप्त कर सकता है। अभी जमाने के अंदर इतनी चालाकी नहीं है कि वह मेरे संकल्प को चोट पहुंचा सके।

व्यक्ति निरंतर मेहनत और बलिदान से सफलता हासिल करना चाहता है परंतु उस सफलता को देखकर समाज के कुछ अवांछित लोग उसे डुबो देना चाहते हैं। परंतु व्यक्ति का संकल्प है उसे नदी में तिनके का सहारा दे सकता है।

कभी कहता है मैं तो निरंतर चलने वाला हूं मेरे रास्ते में कांटे तो आते जाते रहते हैं। मैं अब इन कांटों से नहीं डरता। तुमने मुझे इतनी चोट दिए हैं कि मैं अब इसका आदी हो चुका हूं। मैं अपने इस हुनर का सारा श्रेय आपको देना चाहता हूं।

जो ठान कर आए हो उसे पूरा करके ही रुकना यदि थककर रुक गए तो सारी उम्र इसका पछतावा रहेगा। एक बार जब सफलता की तरफ अपने कदम को बढ़ा दो तो पीछे मुड़कर मत देखो निरंतर उस रास्ते पर चलते रहो। रास्ते में कोई भी बाधा आए तो उसे अपना संकल्प याद दिला दो सफलता खुद ब खुद मिल जाएगी।