तुम अकेले खडे हो
एकता तुम मे नही है
हम अम्बर मे उडने वाले
और जमीं पर भी एक है
बडा अहंकार है तुम्हे
अपनी बुद्धि पर
फिर भी मजहब पर लडते हो
समानता जरा भी नही है
जानवर हम कहलाते है
जानवर से तुम लडते हो
एकता का पाठ हमसे क्यो नही पढते हो
तौल लो हमे जी भरकर
हम खरा सोना निकलेगे
छल ,कपट से नही भरे होगे
फिर भी भेदभाव करते हो हमसे
तराजू मे तौलकर देखो
हम भी कम ना निकलेगे।
✍️....मीनाक्षी शर्मा

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