और कोई ख्वाहिश न रह जाएगी
ज़िन्दगी मे जो मैं इश्क़ मे तेरी बन जाऊ
जो धड़के धड़कन मोहब्बत मे तेरी
तेरे दिल को मोहब्बत बन जाऊ
सुना है तुम्हे तन्हा रहना भाता है
तो मैं उस तन्हाई का एक लम्हा बन जाऊ
रोज़ टहलता है तू जिस रास्ते से
मैं ऊन राहो मे फूल बनके बिखर जाऊ
बहुत लुभाता है जो बहारों का मौसम तुम्हे
भरते हो आँखों मे वो हँसी नज़ारा बन जाऊ
पिघल जाऊ साँसो मे मीठी अहसास बनके
जी करता साँसो मे भरती वो ठंडी हवा बन जाउ
नर्म घासो पर चलते हुए तुम्हे सुकून मिलता है
वो पिघलती पैरो तले ओस की बुँदे बन जाऊ
बन जाऊ मौसम सर्दियों का तेरे ज़िन्दगी मे
ज़ब ज़ब महसूस करें तू मैं तुझमे सिमट जाऊ
ढूंढ़ता है क्यूँ ख़्वाबों मे अपने चहरे की हँसी
एक बार कह दें लेकर खामोशी तेरी
ताउम्र के लिए तेरे होठों की मुस्कान बन जाऊ
जिस हँसी नज़ारो से भरता है आँखों मे मस्तिया
उस हँसी शाम की रंग सिंदूरी तेरे दिल मे भर जाऊ
जिस अहसास को भरता है दिल के कोरे कागज़ पर
लिख सके चाहत के शायरी की वो मैं स्याही बन जाऊ
जिस रंगों से सजाता है सनम अपने हँसीन सपने
दिल करता है नैना वो सतरंगी इंद्रधेनुष बन जाऊ....!!
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नैना.... ✍️✍️

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