मै प्रातःकालीन भ्रमण के लिए निकली, तभी टेन्ट से खुसर- फुसर की आवाज सुन कर वही रूक गई ।

"कहां गइ वह ?  कही उसका राज खुला तो लेने के देने पड़ जाएंगे. . .हमारे शो की जान है वो, मोटी रकम खर्च करने के बाद मिली है वो ।"

उस ब्यक्ति की आवाज मे डर और लोभ दोनो  साफ झलक रहा था ।मैं वहीं छुप गई. . मुझे मामले की तह तक जाना था, लेकिन  अब डर इस बात का था, कही उसके साथ कोई अनहोनी तो नही हो गई. . वो एक लड़की है ये बात तो मेरी समझ मे आ गई. . ।किन्तु उसे ढूंढने का संकल्प लेकर उसे पूरा भी करना चाहिए।

मुझे देर करना उचित नही लगा, और मेरे  दिमाग के घोड़े दौड़ने लगे ।अकेले तो मै कुछ कर नही पाउंगी , मुझे शीघ्र उस लड़की को खोज निकालना है. . ।

सहसा मुझे अपने सहपाठी प्रियम की याद आई।
नेहा ने बताया कि-" जर्नलिस्ट है वो।"
मैंने उसे एफ बी पे सर्च किया और शीघ्र ही वह मिल भी गया। फ्रैंडरिक्वेसट भेजा और उसने एक्सेप्ट कर शीघ्र मुझे हाय हैलो भेज दिया ।

मैंने उसका कॉलिंग नम्बर मांगा और शीघ्र मिलने की बात कही । 
क्या बात है प्रिती , इतनी घबराइ क्यू हो?
फोन पर नही बता सकती मिलने का समय निकालो ।
"ओके"।
उसने मिलने का स्थान पूछा और फोन काट दिया ।
अब हम आमने-सामने बैठे थे. . 


कुछ औपचारिक बातो के बाद मैंने सुबह वाली बात बताई ।वह सुनकर गंभीर हो गया. . ।
तुम मेरे साथ रहोगी. . इस कार्य हेतु. . ? 
हां, क्यू नही ?
तो अब समय बहुत कम है. .मेरी बात ध्यान से सुनो, अगर जरा-सी गलती हुई तो हमलोग की जान भी जा सकती है. . ।

उसने अपनी प्लान बताइ, उसी प्लान के मुताबिक हम कुछ कृत्रिम शृंगार प्रशाधन खरीदने गए. . ।और अगले कुछ मिनटो मे हमने अपना लुक चेंज कर लिया और अब हम उस आर्केस्ट्रा संचालक के सामने खड़े थे. . ।

शक्ल सूरत से तो तुम बेरोजगार नही दिखते हो?
"वो हाथ मे खैनी रगड़कर बोला "।
प्रियमप्रिती आपसे दो जून की रोटी चाहते है, बदले मे आप जो काम करवा लें।
मुझे कोई जरूरत नही, निकलते बनो यहां से ।
प्रियमप्रिती के दिन इतने भी बुरे नही, एक ठुमके पे एमेले भी दिवाना हो जाए ।
मैंने कमर लचकाते हुए कहा।
अच्छा, कौन है प्रियमप्रिती ?तबसे तुम सब पहेली बुझा रहे हो ।
अरे ये है छैला प्रियम, और मैंएए "।
बस- बस तुम प्रिती ।"
समझदार हो साहिब।मैंने अदा से बोला ।"
ठीक है , रह सकते हो ।

अब मुझे रात का इंतजार था, प्लान के मुताबिक जे बी (आर्केस्ट्रा संचालक )के बेडरूम तक हमे जाना था. . सबसे बड़ी चिंता उस लडकी की थी. . वो सुरक्षित रहे बस, पहला पड़ाव हमने पार कर लिया ।

प्रियम उससे मेरे बारे मे बात करता और ठहाके गुंज उठते ।
आपको यकीन नही होगा, ऐसा मसाज करती है वो, और खाना तो ऐसा बनाएगी कि आप उंगलियां चाटने लगेंगे ।

और कोई खास हुनर भी बता   . . .  । दांत दिखाते हुए जे बी बोल पड़ा. . ।

आपकी सेवा मे है...मेवा तो मिलेगा ही . . हा हा हा. . दोनो के ठहाके लगते रहे. . ।

शाम हो गई. . जे बी की अधीरता को देख हम प्रसन्न थे. . 
मौका पाते ही जे बी बोल पड़ा. . 
आज रात  तू मेरा मसाज करेगी ।
हां क्यू नही, आप भी देखिए क्या हुनर है प्रिती मे...  ।


हम रात की प्रतीक्षा मे थे. . ।हमारे प्लान के मुताबिक मैंने  जे बी से मिलने के लिए खुद को फिट किया . . .।मैंने छोटे कपड़े पहने और बालो को खुला किया ।

रात्रि के नौ बजे मै उसके बेडरूम मे दाखिल हुइ, और मुस्कराते हुए कुंडी बंद कर दिया ।वो मुझे देखकर बोला -
"वेरी स्मार्ट "
हां. . तो अब शुरू करे . . ? 
क्या . , .?
मसाज और क्या? मैंने उसके चेहरे को पढते कहा ।
वो बेड पर लुढ़क गया. . ।मैंने उसे पेट के बल लिटाया और गर्दन से मसाज शुरू किया. . ।और बड़ी सफाई से विंडो मे छोटा-सा कैमरा भी लगा दिया ।
उधर दूसरे कमरे से प्रियम ने आडियो विडियो को
सेव करना सुरू कर दिया ।

कैसा लगा अभी तक मेरा मसाज . . ? 
उसने मेरे हाथ  को पकड़ा और सहलाते हुए बोला . . .?
तेरे हाथ मे तो जादू है. . 
मैने हाथ छुड़ाया और शिकायत भरे लहजे मे बोली-
लगता है, जिंदगी भर नोटो से खेला है आपने. . सुरा-सुंदरी कभी मिली या नही. . ?

"हा हा हा सुरा -सुंदरी से खेलता रहे जो आत्मा . . 
वही है इस कलियुग मे असली धर्मात्मा ।"

ओहो फिर एक पैग हो जाए . . . ?


और मैंने स्पेशल पैग बनाया और अपने हाथो से पिलाया ।
नशा सर चढ़कर बोल उठा. . । 

मै बोली. . आज आप मसीहा बन कर मिले वर्ना इधर भूखे मर जाती ये प्रिती ।
अरे तू भी बडे वक्त से आइ. . वर्ना वो कच्ची कली तो रात भर सपने मे आती . . और बवाल कराती . . .।
कौन..? 
अरे वह रूपा; कही भाग गइ ।
आपने खोजा नही? 
अरे साली बहुत नखरे करती है तू आ गई है न!
वो भी आएगी जब भूख से मरेगी तब  . . उसने लडखाती आवाज मे बोला ।मै क्रोध से जल उठी, और बनावटी मुस्कान के साथ बोल उठी ।
चलिए न कंबल मे बहुत ठंड लग रही है. . 

इधर प्रस्ताव के अनुसार प्रियम ने दरवाजा खटखटाया ।
मैंने तुरंत उठ कर दरवाजा खोला, और वो हांफते हुए बोला... 
"पुलिस आइ है कहीं ।"
जे बी सकते मे आ गया. . कमीनी पुलिस को भी इसी वक्त आनी थी, वो कमरे से बाहर निकल आया ।और प्रियम अपने आडियो पुलिस सायरन को बजाता रहा ।अब सबने जागकर रात बिताइ . . ।


सुबह हम सबने न्यूज देखा ।एक खबर लगातार प्लैश हो रही थी. . ।
एक लड़की मंदिर परिसर मे अचेत मिली है, ठंड से शरीर अकड़ गया है ।मै फौरन बोल पडी. . अरे ये तो रानी है. . गुप्ता सर की बेटी ।मुझे वहां से निकलने का बहाना चाहिए था . . ।


तू पहचान रही है ठीक से ?जे बी ने पूछा ।
हां, मुझे जाना चाहिए, शाम तक आ जाउंगी ।कही रूक गई तो . , .   ? 

भूख से मर जाउंगी, मै बोल पडी. . 
उसे यकीन था कि मै अवश्य आउंगी ।

अब हम दोनो पैदल ही चल पड़े ।जे बी हमे देखता रहा, बडी सावधानी से हम पुलिस स्टेशन पहुंचे ।हमने रूपा की गुमशुदगी दर्ज करवाई और वो विडियो भी दिखाया जिससे जे बी की पोल खुलने वाली थी. . ।बहुत जल्द रूपा मिल गई. . वो अभी पुलिस कस्टडी मे थी. . मंदिर परिसर मे मिलने वाली लड़की रूपा ही थी. . ।मुझे देखकर वो घबराने लगी. . ।मैंने उसे आश्वस्त किया, और कुछ बाते करने लगी. . 

कबसे हो तुम जे बी के पास ?
"याद नही मेम साब ।"
कभी शादी के लिए सोचा तुमने?

"शादी हूं.. . यहां हर मर्द रात मे दुल्हा बनता है. . और सुबह होते ही तलाक दे जाता है. . ।"
मै अन्दर तक हिल गई उसकी बात सुनकर ,इतनी छोटी उम्र मे इतना कडवा अनुभव ।और संयत शब्दो मे बोली . . 
अब तुम आजाद रहोगी रूपा, हमसब तुम्हे जे बी के चंगुल से मुक्त कराने आए है. . ।

अब हम पुलिस के साथ जे बी के सामने उपस्थित हुए ।वो हमें देखते ही भागने की कोशिश करने लगा. . ।किन्तु चारो तरफ से घिरा होने के कारण भाग नही पाया ।

पूछताछ मे उसने बताया कि रूपा शहर के मशहूर सर्जन डाॅ वर्मा की बेटी है. . ।जिसे तीन साल की उम्र मे जे बी ने अगवा कर लिया था ।

जे बी को सजा  
मिली ,डॉक्टर वर्मा को उनकी बेटी और हम दोनो को सम्मानित किया गया. . ।और सबसे बड़ी बात जो आत्मिक सुख मिला वो अवणर्निय है. . ।

चंद शब्द जो मेरे अंतरात्मा से निकल पड़े . . . 

"मुझे रहना है इस जहां में शब्दो का संसार बनके 
ख्वाहिश नही ऐसे रहू जैसे गले का हार बनके 
जब भी कोई बेबस लाचार इंसा डुबेगा हम उसे निकालेंगे मझधार से पतवार बनके।" 

उर्मिला तिवारी "योगमाया " (देवरिया)