सफलता ही पहचान है जिनकी 
वह हैं, प्रोफेसर नीना गुप्ता जी।


इनकी प्रतिभा देख सम्पूर्ण धरा हरसाई है।
पाकर अवार्ड देश का सम्मान बढ़ाया है।

पहले भी अनेकों बार चुनौती को पार किया।
जीत कर आवर्ड स्वदेश का मान बढ़ाया है।।

2014 में अलजेब्रिक जियोमेट्रो के फील्ड में,
यंग साइंटिस्ट अवॉर्ड को प्राप्त किया।।

फिर से 2019 में शांति स्वरूप भटनागर प्राइज फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी से सम्मानित हुई।

अब तो कम्यूटेटिव अल्जेब्रा में, 
विकासशील देशों के युवा गणितज्ञों का 
"रामानुजन पुरस्कार’ भी हासिल कर लिया।

अब तक जिन्हें यह अवार्ड मिला 
तीन ISI के ही फैकल्टी मेंबर है।

तीसरी बार नारी ने हासिल किया
वह नीना गुप्ता देश प्रेम का
गौरव है।।"
       अम्बिका झा ✍️