तूँ है मेरी रातों में.....
तूँ ही तूँ मेरी बातों में......
हो....ओ.....
तूँ ही तो है बरसातों में.....
हो....ओ.....
तूँ ही तो है बरसातों में.....
तूँ है मेरी रातों में.....
तूँ ही तूँ मेरी बातों में......
हो....ओ......
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देख रही हूँ ख्वाब तुम्हारा.....
नींदों में जागकर.....
कर दो ना तुम भी अरमान हमारा.....
पूरा करीब आकर......
तूँ ही तो तूँ है मेरे जज्बातों में......
हो.....ओ...।।।
तूँ ही तो तूँ है मेरे जज्बातों में......
तूँ ही तो है बरसातों में.....
हो....ओ.....
तूँ ही तो है बरसातों में.....
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जागी जागी आँखें मेरी
राह तुम्हारी ही तकें.....
पलकें बिछाई रखी है मैंने
नयन हमारे किसी राह से तो मिल सकें......
हो....ओ......
तूँ ही तूँ है मेरी यादों......
तूँ ही तो है बरसातों में.....
हो....ओ.....
तूँ ही तो है बरसातों में.....
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तूँ है मेरी रातों में.....
तूँ ही तूँ मेरी बातों में......
हो....ओ.....
तूँ ही तो है बरसातों में.....
हो....ओ.....
तूँ ही तो है बरसातों में.....
तूँ है मेरी रातों में.....
तूँ ही तूँ मेरी बातों में......
हो....ओ......
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आरती सिरसाट
बुरहानपुर मध्यप्रदेश

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