लाड़िली जू को हो रओ ब्याव,
चलो सखी देखन चलिए। 
गोरे गोरे हातन रच गई मेंहदी हरदी लगे  गोरे गात चलो सखि   देखन चलिए।। 
सुंदर सारी कनक के कँगना ,
मुकुट सजे हैं सीस चलो सखि देखन चलिए ।
भईया लक्ष्मी निधि बलि बलि जायें, 
भाभी सिद्धि रईं नजर उतार चलो सखि देखन चलिए।। 
मईया बाबा बलि बलि जा रये, 
जीबो लाड़िली  हमार चलो सखि देखन चलिए। 
आशा मंगल होय लली जू को, 
होबे सदा जय जयकार चलो सखि  देखन चलिए।। 
स्वरचित मौलिक प्रकाशित सर्वाधिकार सुरक्षित डॉ आशा श्रीवास्तव