★★★★
बडे जतन से
जोरे रूपैया
ब्याह करन को
सयानी बिटिया
आग लगे जा माहमारी मे
सबरे मिट गये हमाय रूपैया
कासे लाय दान दहेज
कैसे निपटाय सियानी बिटिया
चूल्हे की आग जलाये काय से
कछु समझत नही आवै भैया
गरीबी मे कर द ओ
आटा गीलो मोरो भैया
रोजनदारी छूँटी सारी
फटे उन्ना पहने फिरे बाल बच्चा
नैक दया दो करो गिरधारी
दैखात नही तुम्हे विपदा हमाई
कैसे पालनहार कहावत
आँखे मीचे बासुँरी बजावत
सुन लो अरज नोने से मोरी
हे बंशीधर बाँकेबिहारी ।
✍️,,,मीनाक्षी शर्मा

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