मेरी ज़िन्दगी जो फिर से मुस्कुराया है
सनम ये तेरी मोहब्बत जो रंग लाया है
बहुत सुकून पाते है तेरे चाहत के अहसासों मे
जो मेरे दिल के हर धड़कन ने तुम्हे अपनाया है
पता नहीं था ज़िन्दगी का अंजाम क्या होता
जो इस गम के भीड़ मे मुझे संभाला न होता
टूट गए होते कब का शीशे की तरह इस पत्थरी जहाँ मे
मिट गयीं हर गम जो सनम तुमने मुझे अपनाया है
कुछ तो मर्ज़ी उस खुदा का है हमें मिलाने मे
नहीं कहाँ रूबरू होपाते तुमसे हम इस ज़माने मे
कुछ तो खास लिखा होगा रब ने किस्मत मे मेरी
तभी तो इस रंगीन दुनिया मे मुझसे ही दिल लगाया है
बिखर जायेगे हम फिर से जो तू खफा होगया
मर जायेगे हम कसम से जो सनम तू जुदा होगया
दिल क्या हर सांस पर मैंने लिखा है नाम तेरा
जो मेरे दिल के हर धड़कन ने तुम्हे अपनाया है
अब क्यूँ तेरा ही नाम आता है मेरी हर लफ़्ज़ मे
कुछ और लिखना चाहु पर तुम्ही लिख जाते हो हर अल्फाज़ मे
हर पल तुम्हारे प्यार का धुन जो ये धड़कने गुनगुनाती है
क्या खूब हँसी अहसास नैना तेरे मोहब्बत मे पाया है....!!
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नैना... ✍️✍️

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