सृष्टि निर्माण में
बृह्म देव का प्रयास
हुआ न सफल बहुत
कर सुमिरि आदि शक्ति को
निर्मित कर नारी
अर्धांगिनी बन पुरुष की
सृष्टि बढाती

मानस सुत देव बृहम के
सनकादि मुनि
खोजते ईश्वर को
साधक बने
साधना मुनियों की 
अद्भुत अपार 
धर रूप शिशुओं का 
विचरते तीनों लोकों में 

नारद मानस सुत
नारायण के भक्त 
अग़जों के अनुयायी
भक्त शिरोमणि 
देव मुनि कहाये 

अनेकों सुत मानस
न प्रवृत्त सृष्टि सृजन में
कुछ औपचारिक से 
कर योगदान निज का
साधना में लगे 
हरि को मनाते 

कश्यप मान पितु वचन
न तप किया 
योग से दूर 
अद्भुत साधन करते 
सृष्टि रचते 
देव, दनुज, यक्ष, गंधर्व 
मानव, पशु, पक्षी 
सर्पों की जातियां 
संसार को दीं
मैथुन विधि से 
असंख्य भार्याओं के साथ

साधन हीन मुनि
भजन किया नहीं हरि का
ऐसा क्या साधन 
नारायण के प्रिय
धर रुप उपेंद्र का 
जन्में कश्यप के अंश से 
माता अदिति के पुत्र
बलि पर कर कृपा
मुनि कश्यप को आशीष देते
हर अवतार हरि में
कश्यप बनेगें पिता हरि के 
माता अदिति मात हरि की 
अनोखा फल अनोखी साधना का
दिवा शंकर सारस्वत 'प्रशांत'